लुत्फ़-ए-तशरीफ़ जो 'इश्क़ उस के ने आग़ाज़ कियाहम ने ता'ज़ीम की और झप दर-ए-दिल बाज़ किया
Lutf-e-tashrif jo 'ishq us ke ne aaghaz kiyaHum ne ta'zim ki aur jhap dar-e-dil baz kiya