हम को चाहत एक सी है उस परी-रू से 'नज़ीर'रू-ब-रू क्या दुर क़फ़ा क्या मुत्तसिल क्या दूर क्या
Hum ko chahat ek si hai us pari-ru se 'nazir'Ru-ba-ru kya dur qafa kya muttasil kya dur kya