याद में उस के रुख़ ओ ज़ुल्फ़ की हर आन 'नज़ीर'रोज़-ओ-शब सुम्बुल-ओ-रैहाँ से कहो इश्क़ अल्लाह
Yaad mein us ke rukh o zulf ki har aan 'nazir'Roz-o-shab sumbul-o-raihan se kaho ishq allah