इश्क़ किस ज़ात का अक़रब है कि लगते ही नीशदिल के साथ आँखों से पानी हो बहा क्या क्या कुछ
Ishq kis zat ka aqrab hai ki lagte hi nishDil ke sath aankhon se pani ho baha kya kya kuchh