ख़ंजर-ब-कफ़ वो जब से सफ़्फ़ाक हो गया हैमुल्क इन सितम-ज़दों का सब पाक हो गया है
Khanjar-ba-kaf wo jab se saffak ho gaya haiMulk in sitam-zadon ka sab pak ho gaya hai