ज़क-ज़क-ओ-बक़-बक़ में दुनिया के न हो 'अकबर' शरीकचुप ही रहने पर ज़बान-ए-तेज़ को राज़ी करो
Zaq-zaq-o-baq-baq mein duniya ke na ho 'akbar' sharikChup hi rahne par zaban-e-tez ko raazi karo