वो शब-ए-दर्द-ओ-सोज़-ओ-ग़म कहते हैं ज़िंदगी जिसेउस की सहर है तू कि मैं उस की अज़ाँ है तू कि मैं
Wo shab-e-dard-o-soz-o-gham kahte hain zindagi jiseUs ki sahar hai tu ki main us ki azan hai tu ki main