तुफ़ंग ओ तीर तो ज़ाहिर न था कुछ पास क़ातिल केइलाही उस ने दिल को ताक कर मारा तो क्या मारा
Tufang o tir to zahir na tha kuchh pas qatil keIlahi us ne dil ko tak kar mara to kya mara